Bihar Mukhyamantri Udyami Yojana: आज के समय में बेरोजगारी कई युवाओं के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है। खासकर बिहार जैसे राज्यों में अक्सर लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर जाते हैं। घर-परिवार से दूर जाकर नौकरी करना कई लोगों के लिए मजबूरी बन जाता है। लेकिन अब बिहार सरकार चाहती है कि राज्य के युवा अपने ही प्रदेश में रहकर रोजगार शुरू करें और खुद के साथ-साथ दूसरों को भी रोजगार देने का अवसर पैदा करें।
इसी उद्देश्य से बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत राज्य के युवाओं और अन्य पात्र लोगों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। सबसे खास बात यह है कि इस राशि का आधा हिस्सा यानी 5 लाख रुपये सरकार की ओर से अनुदान के रूप में दिया जाता है, जिसे वापस नहीं करना पड़ता। बाकी बचे 5 लाख रुपये भी बिना ब्याज के लौटाने होते हैं।
इस योजना के तहत नए आवेदन 25 फरवरी 2026 से शुरू हो चुके हैं और आवेदन करने की अंतिम तारीख 15 मार्च 2026 तय की गई है। इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और अपने सपनों के व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं।
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मुख्यमंत्री उद्यमी योजना क्या है
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और बेरोजगारी को कम करना है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें खुद का उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

सरकार का मानना है कि अगर राज्य के युवा खुद का व्यवसाय शुरू करेंगे तो इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और दूसरे राज्यों की ओर होने वाला पलायन भी कम होगा। इसी वजह से सरकार इस योजना के माध्यम से युवाओं को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी देती है। इस योजना में लाभार्थियों को कुल 10 लाख रुपये की राशि दी जाती है जिसमें आधी राशि अनुदान के रूप में होती है और बाकी राशि बिना ब्याज के ऋण के रूप में दी जाती है।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की प्रमुख श्रेणियां
बिहार सरकार ने इस योजना को अलग-अलग वर्गों के अनुसार पांच श्रेणियों में बांटा है ताकि हर वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिल सके।
- मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना
- मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना
- मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना
- मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना
इन सभी श्रेणियों के तहत कुल 58 अलग-अलग परियोजनाएं शामिल की गई हैं। इनमें मुख्य रूप से निर्माण, सेवा और कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जाती है।
योजना के प्रमुख लाभ
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना बिहार के युवाओं और बेरोजगार लोगों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है। इसके तहत कई महत्वपूर्ण लाभ दिए जाते हैं।
- अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता
- कुल राशि का 50 प्रतिशत यानी 5 लाख रुपये अनुदान के रूप में
- बाकी 5 लाख रुपये बिना ब्याज के लौटाने की सुविधा
- व्यवसाय शुरू करने से पहले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
- स्वरोजगार के साथ-साथ दूसरों को रोजगार देने का अवसर
इस योजना की वजह से कई युवा अपने सपनों का व्यवसाय शुरू कर चुके हैं।
योजना के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं।
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए
- उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए
- कम से कम 12वीं पास, ITI, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या इसके समकक्ष योग्यता होनी चाहिए
इन शर्तों को पूरा करने वाले उम्मीदवार ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कौन लोग आवेदन नहीं कर सकते
सरकार ने कुछ ऐसे लोगों को इस योजना से बाहर रखा है जो पहले से ही स्थायी आय के स्रोत से जुड़े हैं।
- सरकारी नौकरी या कॉन्ट्रैक्ट नौकरी में कार्यरत व्यक्ति जिनकी मासिक आय 15,000 रुपये से अधिक हो
- जो पहले से PMEGP, मुद्रा लोन या स्टार्टअप जैसी योजनाओं का लाभ ले चुके हों
- निर्वाचित जनप्रतिनिधि जैसे विधायक, सांसद, मुखिया या पंचायत प्रतिनिधि
- राशन या मिट्टी तेल के डीलर
- जो अपने जिले से बाहर उद्योग स्थापित करना चाहते हों
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।
- 10वीं की मार्कशीट जिसमें जन्म तिथि दर्ज हो
- 12वीं या समकक्ष परीक्षा का प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- बिहार निवासी प्रमाण पत्र
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- आवेदक की फोटो और हस्ताक्षर
इन दस्तावेजों को आवेदन के समय ऑनलाइन अपलोड करना होता है।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। उम्मीदवार https://udyami.bihar.gov.in/ पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन करने के बाद उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटराइज्ड रेंडमाइजेशन सिस्टम के जरिए किया जाता है। चयनित उम्मीदवारों को पहले प्रशिक्षण दिया जाता है और फिर चरणबद्ध तरीके से उन्हें राशि प्रदान की जाती है।
लोन की राशि कैसे मिलती है
इस योजना के तहत लाभार्थियों को तीन चरणों में राशि दी जाती है। पहले चरण में प्रशिक्षण के बाद पहली किस्त दी जाती है। इसके बाद जब लाभार्थी उस राशि का उपयोग कर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करते हैं, तब दूसरी किस्त जारी की जाती है। जब पहली और दूसरी किस्त का लगभग 90 प्रतिशत उपयोग हो जाता है, तब तीसरी किस्त जारी की जाती है।
लोन वापस कैसे करना होगा
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत जो ऋण दिया जाता है, उसे अंतिम किस्त मिलने के 12 महीने बाद चुकाना शुरू करना होता है। यह राशि 84 मासिक किस्तों (EMI) में चुकाई जाती है। खास बात यह है कि इस ऋण पर ब्याज नहीं लिया जाता।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना से संबंधित नियम, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट https://udyami.bihar.gov.in/ पर उपलब्ध जानकारी अवश्य जांच लें।